टेर) संमय संमय की बात संमय न कोई समझ नहीं पाए
कोई संमय संमय से पहले कोई संमय हुया से जाव
(1) भाईयों को बीठाके घासी राम जी सारी बात बताव
यम्का दुत लेवण न आव हंसा हस्ता जाव
कोई संमय संमय से पहले कोई संमय हुया से जाव
कोई संमय संमय से पहले कोई संमय हुया से जाव
(2) गुनीस फरवरी दो हजार सतरा यम को बुलाओ आव
छुटी सास बिखर गए मोती पंछी फिर नहीं आव
कोई संमय संमय से पहले कोई संमय हुया से जाव
कोई संमय संमय से पहले कोई संमय हुया से जाव
(3) भाई बंधु कुटुम कबीलो नैणा नीर बहाव
पतिव्रता देवी शांति कुंजल ज्यु कुरळाव
कोई संमय संमय से पहले कोई संमय हुया से जाव
कोई संमय संमय से पहले कोई संमय हुया से जाव
(4) छोटा सा परिवार के ऊपर दुखा की घड़ी आव
भण भुवा थारी रोती आव बीरा तन बुलाव
कोई संमय संमय से पहले कोई संमय हुया से जाव
कोई संमय संमय से पहले कोई संमय हुया से जाव
(5) मात पिता गुरु जी म्हान लिख लिख बात बताव
गिरधारी यो कथा बणाव सारी बात सुणाव
कोई संमय संमय से पहले कोई संमय हुया से जाव
कोई संमय संमय से पहले कोई संमय हुया से जाव


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